ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ लगभग 1.5 से 2 लीटर पेय पदार्थ (करीब 6 से 8 गिलास) काफ़ी होते हैं – ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा NHS भी लगभग यही सलाह देती है। आपके शरीर की कुल पानी की ज़रूरत इससे ज़्यादा होती है – यूरोपियन फ़ूड सेफ़्टी अथॉरिटी (EFSA) के अनुसार महिलाओं के लिए लगभग 2 लीटर और पुरुषों के लिए लगभग 2.5 लीटर – लेकिन इसका एक हिस्सा खाने से मिल जाता है। एक्सरसाइज़, गर्मी, बीमारी, गर्भावस्था और स्तनपान में यह ज़रूरत बढ़ जाती है।

यानी मशहूर "दिन में 8 गिलास" वाला नियम एक अच्छी शुरुआत है, कोई पक्का कानून नहीं। इस लेख में जानिए ये आंकड़े कहाँ से आते हैं, इन्हें अपने शरीर और दिनचर्या के हिसाब से कैसे बदलें, और कैसे पता करें कि आप सच में पर्याप्त पानी पी रहे हैं या नहीं।

आधिकारिक सलाह कहाँ से आती है

स्वास्थ्य संस्थाएँ कोई एक जादुई संख्या नहीं बतातीं, क्योंकि हर व्यक्ति की पानी की ज़रूरत अलग होती है। वे "पर्याप्त सेवन" (adequate intake) बताती हैं – यानी ऐसी मात्रा जो ज़्यादातर स्वस्थ लोगों की ज़रूरत पूरी कर दे।

  • यूरोपियन फ़ूड सेफ़्टी अथॉरिटी (EFSA): महिलाओं के लिए रोज़ लगभग 2.0 लीटर और पुरुषों के लिए 2.5 लीटर कुल पानी।
  • अमेरिका की नेशनल एकेडमीज़ ऑफ़ साइंसेज़: महिलाओं के लिए लगभग 2.7 लीटर और पुरुषों के लिए 3.7 लीटर, यह भी कुल पानी के रूप में।
  • NHS (ब्रिटेन): रोज़ 6 से 8 कप या गिलास तरल, एक व्यावहारिक रोज़मर्रा के नियम के तौर पर।

यहाँ अहम शब्द है कुल पानी। इसमें खाने में मौजूद पानी भी शामिल है, जो आमतौर पर आपके कुल सेवन का लगभग पाँचवाँ हिस्सा होता है। दाल, सब्ज़ी, सूप, फल, दही, चावल – इन सब में काफ़ी पानी होता है। इसीलिए "पेय" का लक्ष्य (6 से 8 गिलास) कुल पानी के आंकड़ों से कम है।

अपनी ज़रूरत का आसान अनुमान

अगर आप अपनी निजी संख्या चाहते हैं, तो एक आम नियम है शरीर के हर किलो वज़न पर रोज़ लगभग 30 से 35 ml तरल। यह एक अनुमान है, कोई नुस्खा नहीं, लेकिन शरीर के आकार के साथ समझदारी से बढ़ता है।

  • 55 kg: लगभग 1.7 से 1.9 लीटर
  • 70 kg: लगभग 2.1 से 2.5 लीटर
  • 90 kg: लगभग 2.7 से 3.2 लीटर

फिर अपने दिन के हिसाब से बदलाव करें:

  • एक्सरसाइज़: पसीने वाली हर एक घंटे की ट्रेनिंग पर लगभग 400 से 800 ml अतिरिक्त जोड़ें। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें एक्सरसाइज़ से पहले, दौरान और बाद में पानी।
  • गर्म या उमस भरा मौसम: भारत की गर्मियों में बिना एक्सरसाइज़ के भी खूब पसीना निकलता है। ज़्यादा पिएँ और तेज़ प्यास लगने का इंतज़ार न करें।
  • बीमारी: बुखार, उल्टी या दस्त में शरीर से ज़्यादा पानी निकलता है। थोड़े-थोड़े घूंट और ORS घोल मदद करते हैं; अगर पानी पेट में न टिके तो डॉक्टर को दिखाएँ।
  • गर्भावस्था और स्तनपान: ज़रूरत बढ़ जाती है। EFSA गर्भावस्था में रोज़ लगभग 300 ml और स्तनपान के दौरान लगभग 700 ml अतिरिक्त पानी की सलाह देती है।
  • बुज़ुर्ग: उम्र के साथ प्यास का एहसास कम हो जाता है, इसलिए प्यास का इंतज़ार करने के बजाय एक नियम (हर भोजन के साथ एक गिलास) ज़्यादा काम आता है।

किन चीज़ों से पानी की ज़रूरत पूरी होती है

सादा पानी सबसे अच्छा विकल्प है: कोई कैलोरी नहीं, कोई चीनी नहीं, सोचने की ज़रूरत नहीं। लेकिन सिर्फ़ यही नहीं गिना जाता।

  • दूध, छाछ और बिना चीनी वाले प्लांट-बेस्ड ड्रिंक भी गिने जाते हैं और साथ में प्रोटीन व मिनरल भी देते हैं।
  • चाय और कॉफ़ी भी गिनी जाती हैं। कैफ़ीन से पेशाब थोड़ा बढ़ता है, लेकिन सीमित मात्रा में ये कुल मिलाकर शरीर को पानी ही देती हैं। ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज़ लगभग 400 mg तक कैफ़ीन आमतौर पर ठीक माना जाता है (गर्भावस्था में इससे कम)।
  • नारियल पानी, नींबू पानी (कम चीनी के साथ) और सोडा वाटर भी ठीक हैं।
  • जूस और स्मूदी गिने जाते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी ज़्यादा होती है। कई गाइडलाइंस इन्हें दिन में एक छोटे गिलास तक सीमित रखने की सलाह देती हैं।
  • मीठे कोल्ड ड्रिंक पानी तो देते हैं, लेकिन साथ में बहुत सारी चीनी और कैलोरी भी। अगर आप वज़न घटाना चाहते हैं, तो इन्हें पानी से बदलना सबसे आसान कदमों में से एक है – इसके बारे में और पढ़ें क्या पानी पीने से वज़न कम होता है में।
  • शराब मदद नहीं करती। इससे पेशाब बढ़ता है, इसलिए बीच-बीच में पानी पिएँ।

कैसे पहचानें कि आप पर्याप्त पानी पी रहे हैं

हर मिलीलीटर नापने की ज़रूरत नहीं। आपका शरीर अच्छे संकेत देता है।

  1. पेशाब का रंग: हल्का पीला या भूसे जैसा रंग आमतौर पर बताता है कि शरीर में पानी ठीक है। गहरा पीला या भूरा-सा रंग मतलब और पानी पिएँ। दिन भर बिल्कुल पारदर्शी रंग का मतलब हो सकता है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा पी रहे हैं।
  2. प्यास: ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए प्यास लगने पर और भोजन के साथ पानी पीना काफ़ी है।
  3. पेशाब कितनी बार आता है: दिन में हर कुछ घंटों में एक बार जाना सामान्य है। बहुत कम बार और कम मात्रा में गहरा पेशाब आना ज़्यादा पानी पीने का संकेत है।

हल्के डिहाइड्रेशन के आम लक्षण हैं: प्यास, गहरा पेशाब, सिरदर्द, थकान, चक्कर और मुँह या होंठ सूखना। हल्का डिहाइड्रेशन भी वर्कआउट को सामान्य से ज़्यादा मुश्किल बना सकता है।

क्या ज़रूरत से ज़्यादा पानी पीना नुकसानदेह है?

हाँ, हालाँकि ऐसा कम होता है। बहुत कम समय में बहुत ज़्यादा पानी पीने से खून में सोडियम पतला हो सकता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं। यह ज़्यादातर उन एंड्योरेंस एथलीटों में होता है जो घंटों तक पसीने से कहीं ज़्यादा पानी पीते हैं, या उन लोगों में जो किसी "चैलेंज" में ज़बरदस्ती लीटरों पानी पी जाते हैं। इसके लक्षण हैं: जी मिचलाना, सिरदर्द, भ्रम और सूजन।

रोज़मर्रा के लिए नियम सीधा है: पानी पूरे दिन में बाँटकर पिएँ, प्यास के हिसाब से पिएँ, और "एहतियातन" ज़बरदस्ती ढेर सारा पानी न पिएँ। एक स्वस्थ वयस्क की किडनी एक घंटे में लगभग एक लीटर ही प्रोसेस कर पाती है, इसलिए एक साथ गटागट पीने का कोई फ़ायदा नहीं।

हार्ट फ़ेल्योर, किडनी की बीमारी या कुछ और स्थितियों वाले लोगों को कई बार डॉक्टर तरल पदार्थ सीमित करने को कहते हैं। अगर आप उनमें से हैं, तो सामान्य लक्ष्यों के बजाय अपने डॉक्टर की सलाह मानें।

रोज़ पर्याप्त पानी पीने की आसान आदतें

संख्या जानना आसान हिस्सा है। असली काम ये छोटी आदतें करती हैं:

  • दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करें। उसे बिस्तर के पास या रसोई में रखें ताकि यह अपने आप हो जाए।
  • पानी को पहले से चल रही आदतों से जोड़ें: हर भोजन के साथ एक गिलास, काम शुरू करते समय एक, हर वर्कआउट के बाद एक।
  • बोतल नज़र के सामने रखें। 500 ml या 750 ml की बोतल से गिनती आसान हो जाती है: तीन-चार बार भरी, और लक्ष्य पूरा।
  • पानी से भरपूर चीज़ें खाएँ: खीरा, टमाटर, तरबूज़, संतरा, दाल, सूप और दही – सब जुड़ता है।
  • दिन के पहले हिस्से में ज़्यादा पिएँ, ताकि सोने से ठीक पहले बहुत पीना न पड़े और रात में नींद न टूटे।
  • एक-दो हफ़्ते ट्रैक करें। गिलास लिखने से जल्दी पता चल जाता है कि आप सच में 1 लीटर पर हैं या 2 पर। FIThim में आप Today स्क्रीन से एक टैप में पानी दर्ज कर सकते हैं और चाहें तो रिमाइंडर भी लगा सकते हैं – आदत बनने तक यह काफ़ी काम आता है।

अगर आप साथ में दूसरी आदतें भी बना रहे हैं, तो वही सिद्धांत लागू होते हैं जो ट्रेनिंग पर; पढ़ें वर्कआउट में नियमित कैसे रहें।

पानी और वज़न मशीन

शरीर में पानी का स्तर वज़न मशीन पर भी दिखता है। ज़्यादा नमक वाला खाना या कार्बोहाइड्रेट से भरा भोजन रातों-रात एक किलो या उससे ज़्यादा "पानी का वज़न" बढ़ा सकता है, और नियमित पानी पीने से अक्सर शरीर यह रुका हुआ पानी छोड़ देता है। अगर आपका वज़न बिना किसी साफ़ वजह के ऊपर-नीचे हो रहा है, तो अपने प्लान में कुछ भी बदलने से पहले पढ़ें रोज़ वज़न क्यों बदलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दिन में 8 गिलास पानी वाली बात एक मिथक है?

पूरी तरह मिथक नहीं, बस एक सरल नियम है। आठ गिलास (लगभग 2 लीटर) पेय कई वयस्कों की ज़रूरत के करीब है, लेकिन यह किसी सटीक गणना पर आधारित नहीं है, और खाने से भी पानी मिलता है। इसे एक समझदार लक्ष्य मानें और अपने शरीर, गतिविधि और मौसम के हिसाब से बदलें।

क्या चाय-कॉफ़ी से शरीर में पानी की कमी होती है?

सीमित मात्रा में नहीं। चाय और कॉफ़ी से पेशाब थोड़ा बढ़ता है, लेकिन इनमें मौजूद पानी उससे कहीं ज़्यादा होता है, इसलिए ये आपके रोज़ के तरल में गिनी जाती हैं। बहुत ज़्यादा कैफ़ीन नींद और धड़कन के लिहाज़ से अलग मुद्दा है।

वज़न घटाने के लिए कितना पानी पीना चाहिए?

वज़न घटाने के लिए कोई ख़ास मात्रा नहीं है। ऊपर बताए गए उसी स्वस्थ लक्ष्य पर ध्यान दें। पानी मुख्य रूप से कैलोरी वाले पेयों की जगह लेकर और कुछ लोगों में भोजन थोड़ा कम खाने में मदद करके काम आता है।

क्या सोने से पहले ज़्यादा पानी पीना बुरा है?

नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इससे रात में बाथरूम के लिए उठना पड़ सकता है और नींद ख़राब हो सकती है। ज़्यादातर पानी दिन में पहले पिएँ और सोने से एक-दो घंटे पहले बस कुछ घूंट लें।